साथियों, देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। इसलिए हम सभी को सजग रहने की जरूरत है। वैक्सीन जरूर लगायें और कोविड नियमों का पालन करें। तभी हम स्वयं की व दूसरों की सुरक्षा कर पाने में सक्षम हो पायेेंगे।

Category: पुस्तक चर्चा ( Book review )

कुमाउनी का पहला व्यंग्य संग्रह: ठेकुवा

कुमाउनी का पहला व्यंग्य संग्रह: ठेकुवा पुस्तक के विषय में-       कुमाउनी कवि और लेखक प्रकाश चंद्र जोशी ‘शूल’ के ‘ठेकुवा’ व्यंग्य संग्रह का प्रकाशन मार्च, 2012 में हिमाल प्रेस, पिथौरागढ़ से हुआ। इस व्यंग्य संग्रह में शूल जी के भल फिरि ऊनु, ठेकुवा, ई काफल हैं सैपो, लाल कुत्तम अति उत्तम, सड़ियौ

रतन सिंह किरमोलिया का बाल कहानी संग्रह: आमाक पहरू

रतन सिंह किरमोलिया का बाल कहानी संग्रह: आमाक पहरू साथियों, आज हम चर्चा करते हैं कुमाउनी कहानी संग्रह ‘आमाक पहरू’ के विषय में। इस कहानी संग्रह के लेखक हैं- साहित्यकार रतन सिंह किरमोलिया। आइये जानते हैं पुस्तक और लेखक के विषय में- कहानी संग्रह के विषय में- आमाक पहरू     ‘आमाक पहरू’ लेखक रतन

उदय किरौला का बाल कहानी संग्रह: जागरै दिनै बात

उदय किरौला और बाल कहानी संग्रह ‘जागरै दिनै बात’ साथियों, आज हम चर्चा करते हैं कुमाउनी कुमाउनी कहानी संग्रह ‘जागरै दिनै बात’ के विषय में। इस कहानी संग्रह के लेखक हैं, संपादक व साहित्यकार उदय किरौला। आइये जानते हैं पुस्तक और लेखक के विषय में- कहानी संग्रह के विषय में- जागरै दिनै बात    

बल्ली सिंह चीमा का गजल संग्रह: जमीन से उठती आवाज 

बल्ली सिंह चीमा का गजल संग्रह: जमीन से उठती आवाज  पुस्तक के विषय में:  जमीन से उठती आवाज         ‘जमीन से उठती आवाज’ जनकवि बल्ली सिंह चीमा का गजल संग्रह है। इसका पहला संस्करण नीलाभ प्रकाशन, इलाहाबाद से 1990 में प्रकाशित हुआ था। इसमें चीमा जी की 1978 से 1990 तक की गजलें

गिरीश तिवाड़ी ‘गिर्दा’ का काव्य संग्रह: जैंता एक दिन तो आलो

गिरीश तिवाड़ी ‘गिर्दा’ का काव्य संग्रह: जैंता एक दिन तो आलो कविता संग्रह के विषय में- जैंता एक दिन तो आलो     ‘जैंता एक दिन तो आलो’ कवि गिरीश तिवाड़ी ‘गिर्दा’ का काव्य संकलन है। इस संकलन का पहला संस्करण वर्ष 2011 में पहाड़ प्रकाशन, नैनीताल से हुआ है। यह काव्य संग्रह दो खंडों

गोपाल दत्त भट्ट का कविता संग्रह: धर्तिकि पीड़

Kumauni Poetry Collection: Dhartiki pid ‘धर्तिकि पीड़’ कुमाउनी कवि गोपाल दत्त भट्ट का कविता संग्रह है। आइये जानते हैं पुस्तक और रचनाकार के विषय में- कविता संग्रह के विषय में- धर्तिकि पीड़      कुमाउनी कवि गोपाल दत्त भट्ट के पहले कुमाउनी कविता संग्रह ‘धर्तिकि पीड़’ का प्रकाशन 1982 में साकेत प्रकाशन, गरूड़ से हुआ।

सोरघाटी के लोकजीवन का दस्तावेज: सोर की लोक थात

     प्रिय पाठकों, आज हम आपको ले चलते हैं मिनी कश्मीर कहे जाने वाले सीमांत जनपद पिथौरागढ़ की ओर और चर्चा करते हैं पद्मादत्त पंत द्वारा लिखित पुस्तक ‘सोर की लोक थात’ के विषय में।  पुस्तक के विषय में- सोर की लोक थात        ‘सोर की लोक थात’ पुस्तक के लेखक पद्मादत्त

उत्तराखंड के लोकसाहित्य का आयामी परिदृश्य: प्रो. डी. डी. शर्मा

प्रिय पाठकों, आज हम आपको ले चलते हैं उत्तराखंड के लोक साहित्य की ओर और चर्चा करते हैं प्रो० डी० डी० शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक ‘उत्तराखंड के लोकसाहित्य का आयामी परिदृश्य’ की।  पुस्तक के विषय में- उत्तराखंड के लोकसाहित्य का आयामी परिदृश्य      ‘उत्तराखंड के लोकसाहित्य का आयामी परिदृश्य’ पुस्तक के लेखक प्रो.डी.डी. शर्मा

रूद्रनाथ की अलौकिक यात्रा का वर्णन: जादुई बुग्यालों के पार

रूद्रनाथ की अलौकिक यात्रा का वर्णन: जादुई बुग्यालों के पार साथियों, पुस्तक चर्चा के अन्तर्गत आज हम बात करेंगे यात्रावृतांत ‘जादुई बुग्यालों के पार’ का। इस पुस्तक के लेखक हैं- मनीष ओली। पुस्तक के विषय में- जादुई बुग्यालों के पार      ‘जादुई बुग्यालों के पार’ पुस्तक के लेखक मनीष ओली हैं। इस पुस्तक का

त्रिभुवन गिरि का आंचलिक खंडकाव्य: क्या पहचान प्रिया की होगी

हिंदी खंडकाव्य: क्या पहचान प्रिया की होगी साथियों, पुस्तक चर्चा के अन्तर्गत आज हम बात करेंगे हिंदी खंडकाव्य ‘क्या पहचान प्रिया की होगी’ की। इस खंडकाव्य के रचयिता हैं- त्रिभुुवन गिरि।   खंडकाव्य के विषय में- क्या पहचान प्रिया की होगी      ‘क्या पहचान प्रिया की होगी’ उत्तराखंड के प्रसिद्ध लेखक त्रिभुवन गिरि का हिंदी
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