साथियों, देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। इसलिए हम सभी को सजग रहने की जरूरत है। वैक्सीन जरूर लगायें और कोविड नियमों का पालन करें। तभी हम स्वयं की व दूसरों की सुरक्षा कर पाने में सक्षम हो पायेेंगे।

जानिए बहादुर बोरा श्रीबंधु कुमाउनी कथा साहित्य पुरस्कार और कथाकार मोहन चंद्र कबडवाल के विषय में

वर्ष 2021 के बहादुर बोरा श्रीबंधु कुमाउनी कथा साहित्य पुरस्कार से पुरस्कृत होंगे मोहन चंद्र कबडवाल       बागेश्वर, भगवान बागनाथ की नगरी में आगामी 25, 26, 27 दिसम्बर 2021 को आयोजित हो रहे 13वें राष्ट्रीय कुमाउनी भाषा सम्मेलन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैै। इसी बीच कुमाउनी भाषा सम्मेलन को लेकर दूसरी

कुमाउनी का पहला व्यंग्य संग्रह: ठेकुवा

कुमाउनी का पहला व्यंग्य संग्रह: ठेकुवा पुस्तक के विषय में-       कुमाउनी कवि और लेखक प्रकाश चंद्र जोशी ‘शूल’ के ‘ठेकुवा’ व्यंग्य संग्रह का प्रकाशन मार्च, 2012 में हिमाल प्रेस, पिथौरागढ़ से हुआ। इस व्यंग्य संग्रह में शूल जी के भल फिरि ऊनु, ठेकुवा, ई काफल हैं सैपो, लाल कुत्तम अति उत्तम, सड़ियौ

भगवान बागनाथ की नगरी में संपन्न होगा 13वां राष्ट्रीय कुमाउनी भाषा सम्मेलन

भगवान बागनाथ की नगरी में संपन्न होगा 13वां राष्ट्रीय कुमाउनी भाषा सम्मेलन       बागेश्वर, वर्ष 2021 का 3 दिवसीय राष्ट्रीय कुमाउनी भाषा सम्मेलन भगवान बागनाथ की नगरी बागेश्वर में संपन्न होगा। सम्मेलन बागेश्वर के नरेंद्रा वेंकट हाल में आयोजित किया जायेगा।        बागेश्वर के एक होटल में हुई बैठक में यह

न्याय पंचायत स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में दीपांक प्रथम

न्याय पंचायत स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में दीपांक प्रथम अल्मोड़ा, रा०इ०का०भकूना में आयोजित न्याय पंचायत स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता, खेल महाकुंभ-2021(अंडर 14) में रा० इ० का० नाई (अल्मोड़ा) के कक्षा 8 के छात्र दीपांक सिंह बिष्ट ने 100 मीटर दौड़ वर्ग और 400 मीटर दौड़ वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रतियोगिता में विद्यालय के निम्न

इस युवक ने 20 वर्ष की उम्र में बनाई आठ पीढ़ी की वंशावली

ललित तुलेरा ने आठ पीढ़ी की वंशावली महज बीस वर्ष की उम्र में बनाई      बागेश्वर जिले में गरूड़ ब्लॉक से करीब 30 किलोमीटर दूर पहाड़ों में बसा गांव ‘सलखन्यारी’ के युवा ललित तुलेरा ने अपनी आठ पीढ़ी की वंशावली बनाई है। वे अभी २२ साल के हैं। उनका यह कार्य दो साल पहले

लोक संस्कृति के कुशल चितेरे: ब्रजेंद्र लाल साह

जन्मदिन विशेष:  लोक संस्कृति के कुशल चितेरे: ब्रजेंद्र लाल साह         रंगकर्मी व रचनाकार ब्रजेंद्र लाल साह का जन्म 13 अक्टूबर, 1928 को अल्मोड़ा में हुआ था। आपने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा ग्रहण की और विशेषकर हिंदी कविता, नाटक, कहानी, उपन्यास आदि विधाओं में अपनी लेखनी चलाई। शैलसुता, अष्टावक्र और गंगानाथ

कुमाउनी कवि ताराराम आर्य के लोकप्रिय गीत

कवि ताराराम आर्य के लोकप्रिय गीत      7 जुलाई, 1925 को ओखलकांडा (नैनीताल) के गांव सुरंग में जन्मे जनकवि ताराराम आर्य का 98 वर्ष की उम्र में हल्द्वानी में निधन हो गया। कवि ताराराम आर्य की ‘सुंदर लोकगीतों का गुच्छा’ शीर्षक से कई छोटी-छोटी लोकगीतों की पुस्तिकाएँ प्रकाशित हैं।      वे अपनी रचनाओं

दीवारें बोलती हैं, चित्र-5, किताब पढ़ता लड़का

प्रोजेक्ट कायाकल्प, भाग-3, दीवारें बोलती हैं         रा० इ० का० नाई (अल्मोड़ा) में प्रोजेक्ट कायाकल्प के तीसरे भाग ‘दीवारें बोलती हैं’ के अंतर्गत विद्यालय की दीवारों में चित्रांकन, पेंटिंग व लेखन का कार्य किया गया। इस भाग को हिंदी प्रवक्ता डॉ. पवनेश ठकुराठी के दिशा-निर्देश में संपन्न किया गया। इस हेतु उन्हें

चित्र 3, दीवारों पर फूल, घास, जलाशय, कमल, बत्तख, मछली, पेड़ आदि का चित्रांकन

प्रोजेक्ट कायाकल्प, भाग-3, दीवारें बोलती हैं           रा० इ० का० नाई (अल्मोड़ा) में प्रोजेक्ट कायाकल्प के तीसरे भाग ‘दीवारें बोलती हैं’ के अंतर्गत विद्यालय की दीवारों में चित्रांकन, पेंटिंग व लेखन का कार्य किया गया। इस भाग को हिंदी प्रवक्ता डॉ. पवनेश ठकुराठी के दिशा-निर्देश में संपन्न किया गया। इस हेतु

दीवारें बोलती हैं, चित्र-2 पुस्तकालय की दीवारों पर फूल, घास, मैदान, पहाड़ के चित्र

दीवारें बोलती हैं, चित्र-2 पुस्तकालय की दीवारों पर फूल, घास, मैदान, पहाड़ के चित्र         रा० इ० का० नाई (अल्मोड़ा) में प्रोजेक्ट कायाकल्प के तीसरे भाग ‘दीवारें बोलती हैं’ के अंतर्गत विद्यालय की दीवारों में चित्रांकन, पेंटिंग व लेखन का कार्य किया गया। इस भाग को हिंदी प्रवक्ता डॉ. पवनेश ठकुराठी के
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