साथियों, देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। इसलिए हम सभी को सजग रहने की जरूरत है। वैक्सीन जरूर लगायें और कोविड नियमों का पालन करें। तभी हम स्वयं की व दूसरों की सुरक्षा कर पाने में सक्षम हो पायेेंगे।

Category: डाॅ0 पवनेश के हिंदी आलेख

पहाड़ की सौगात: काफल

पहाड़ की सौगात: काफल       काफल उत्तरी भारत और नेपाल के पर्वतीय क्षेत्र, मुख्यत: हिमालय की तलहटी के 1200 से 2100 मीटर की ऊंचाई के जंगलों में पाया जाने वाला एक वृक्ष है। इसका वैज्ञानिक नाम ‘मिरिका एस्कुलेंटा (myrica esculata)’ है। ग्रीष्मकाल (चैत्र-बैशाख) में काफल के पेड़ पर लगने वाले फल पहाड़ी इलाकों

पहाड़ की सौगात: तरूड़

पहाड़ की सौगात: तरूड़          तरूड़ एक पर्वतीय कंदमूल है, जिसे तौड़, तैड़ू आदि नामों से भी जाना जाता है। भारत में तरूड़ हिमालयी राज्यों विशेषकर उत्तराखण्ड, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, असम आदि राज्यों में समुद्र तल से 500 से 3200 मीटर तक की ऊंचाई वाले स्थानों पर पाया जाता

जगदीश पांडेय की पेंटिगों का अलौकिक संसार

साथियों, आज हम आपको मिलाते हैं कूची के बाजीगर जगदीश पांडेय जी से-   कूची के बाजीगर: जगदीश पांडेय जीवन परिचय-          मशहूर चित्रकार जगदीश पांडेय का जन्म 9 अगस्त, 1958 को अल्मोड़ा के जागेश्वर में हुआ। आपके पिता का नाम श्री डी. डी. पांडेय और माता का नाम श्रीमती तारा देवी
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