कठिन नहीं कोई भी काम, हर काम संभव है। मुश्किल लगे जो मुकाम, वह मुकाम संभव है - डॉ. पवनेश।

जब से तुम गई

जब से तुम गई

मिर्च का तीखापन

मक्खन की कोमलता

शहद की मिठास

नींबू की खटास

चावल की प्यास

मसालों की महक

प्रेशर कुकर की चहक

खिचड़ी के खाद्य पदार्थों-सा अपनापन

सब कुछ चला गया

जब से तुम गई

जिंदगी बेस्वाद हो गई है।

 

© Dr.  Pawanesh

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