साथियों, देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। इसलिए हम सभी को सजग रहने की जरूरत है। वैक्सीन जरूर लगायें और कोविड नियमों का पालन करें। तभी हम स्वयं की व दूसरों की सुरक्षा कर पाने में सक्षम हो पायेेंगे।

वीर सिपाही

             

                वीर सिपाही



रघुवर गाँव के इंटर कॉलेज में कक्षा बारह में पढ़ता था। वह पढ़ाई-लिखाई में औसत दर्जे का था, लेकिन लड़ने-झगड़ने में माहिर था। उसे फौज में भर्ती होने का शौक था। एक दिन की बात है, रघुवर ने अपने सहपाठी किशन को किसी बात पर भचाभच दो लात जमा दिए। साथ ही उसके ऊपर मुक्कों की बरसात भी कर दी। शिक्षक को जब इस बात का पता चला तो, उन्होंने रघुवर को बुलाकर कहा, “शाबाश रघुवा! पढ़ना-लिखना मत। ऐसे ही बन जायेगा तू वीर सिपाही।”

रघुवर पर शिक्षक के इस व्यंग्य का गहरा प्रभाव पड़ा। चार साल बाद रघुवर फौज में भर्ती होकर सिपाही बन गया था। उसकी पहली तैनाती कश्मीर बार्डर में हुई। वह वाकई में अब देश का वीर सिपाही बन चुका था।

 

© Dr. Pawanesh

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