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यांत्रिक व जैविक उपायों द्वारा कोसी नदी होगी पुनर्जीवित: प्रो० रावत

रा० इ० का० नाई (अल्मोड़ा) में कार्यशाला-

यांत्रिक व जैविक उपायों द्वारा कोसी नदी होगी पुनर्जीवित: प्रो० रावत


      यांत्रिक और जैविक उपायों द्वारा कोसी नदी को दो साल के भीतर पुनर्जीवित किया जायेगा। ये बात प्रो० जे० एस० रावत ने रा० इ० का० नाई (वि० खं०- ताकुला) में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान बतौर मुख्य अतिथि के रूप में कही। 


कार्यशाला विषय- ‘कोसी नदी संरक्षण एवं पुनर्जनन’
मुख्य व्याख्यानदाता- प्रो० जे० एस० रावत। 
आयोजक- यूसर्क, देहरादून।
कार्यशाला समन्वयक- डॉ. मंजू सुंदरियाल
कार्यशाला संयोजक- रमेश सिंह रावत। 

                     *व्याख्यान सत्र*


      उत्तराखंड विज्ञान, शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (USERC) देहरादून के तत्वाधान में रा० इ० का० नाई में कोसी पुनर्जनन अभियान, द्वितीय चरण के अन्तर्गत ‘कोसी नदी संरक्षण एवं पुनर्जनन’ विषयक एकदिवसीय कार्यशाला का तीन सत्रों में सफलतम आयोजन किया गया। विधिवत् उद्घाटन के बाद कार्यशाला के प्रथम सत्र व्याख्यान सत्र को मुख्य अतिथि और व्याख्यानदाता प्रो० जे० एस० रावत ( निदेशक, एन० आर० डी० एम० एस० अल्मोड़ा, भूगोल विभागाध्यक्ष, एस० एस० जे० परिसर, अल्मोड़ा) ने संबोधित किया। उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित क्षेत्रीय जनता को कोसी नदी पुनर्जनन अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोसी नदी रिचार्ज जोनों को 14 भागों में बांटा गया है। नाई क्षेत्र गणानाथ रिचार्ज जोन के अन्तर्गत आता है। 

       उन्होंने कहा कि कोसी नदी को हम तभी बचा सकते हैं, जब भूमिगत जलस्तर में वृद्धि हो। इस हेतु उन्होंने मैकेनिकल और जैविक दो प्रकार के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मैकेनिकल उपायों के अन्तर्गत हम चार उपायों द्वारा भूमिगत जल में वृद्धि कर सकते हैं पहला, रिचार्ज जोन की भूमि में छोटे-छोटे छिद्र बनाकर, दूसरा जल शोखता गढ्ढों का निर्माण कर, तीसरा बरसाती नालों में पिरूल के बांध बनाकर, चौथा मौसमी गधेरों में पक्के चैकडैम बनाकर। जैविक उपायों के अन्तर्गत उन्होंने वृक्षारोपण करने, नैपियर घास व झाड़ियाँ लगाने पर जोर दिया। उन्होंने पूर्ण विश्वास के साथ कहा कि इन्हीं उपायों के द्वारा हम कोसी नदी को दो-तीन वर्षों के भीतर पुनर्जीवित कर पाने में सक्षम होंगे। 


         इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्रीमती संचिता वर्मा ( वन क्षेत्राधिकारी, अल्मोड़ा, रिसोर्स पर्सन, कोसी पुनर्जनन अभियान, अल्मोड़ा ) ने भी कोसी पुनर्जनन अभियान के लिए अधिकाधिक वृक्षारोपण करने पर बल दिया और साथ ही उन्होंने इस हेतु विद्यालयों द्वारा किये जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। कार्यशाला को किशन राम आर्य (खंड विकास अधिकारी, ताकुला) और योगेश चंद्र (जिला पंचायत सदस्य, सुनौली) ने भी संबोधित किया और कहा कि वे कोसी पुनर्जनन अभियान में अपना यथासंभव सहयोग करने हेतु प्रतिबद्ध हैं।


         इस सत्र का संचालन करते हुए कार्यशाला संयोजक भूगोल प्रवक्ता रमेश सिंह रावत ने कहा कि समय रहते यदि हम नहीं चेते तो कोसी नदी भी कुछ समय बाद इतिहास बनकर रह जायेगी। उन्होंने कोसी नदी को बचाने के लिए जन सहभागिता पर अत्यंत जोर दिया और कहा कि गाँव के प्रत्येक व्यक्ति को इस अभियान से जुड़ना चाहिए और वृक्षारोपण व खाल-खंतियों के निर्माण में अपना सहयोग करना चाहिए। 

      व्याख्यान सत्र से पूर्व कार्यशाला की शुरुआत में रिचार्ज जोन में वृक्षारोपण करने के साथ-साथ खाल-खंतियों का निर्माण भी किया गया। इस दौरान उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने कोसी नदी को बचाने की शपथ भी ली। 

*कोसी नदी संरक्षण व पुनर्जनन के उपाय*

1. कोसी रिचार्ज जोन में वृक्षारोपण। 
2. छिद्रों, गर्तों, खाल-खंतियों का निर्माण। 
3. बरसाती नालों में पिरूल के बांधों का निर्माण। 
4. मौसमी गधेरों में पक्के चैकडैमों का निर्माण। 
5. नैपियर घास का रोपण। 
6. चौड़ी पत्ती वाले वृक्षों व झाड़ियों का रोपण। 
7. सांस्कृतिक कार्यक्रमों द्वारा जन-जागरति। 
8. संगोष्ठियों व प्रतियोगिताओं द्वारा जागरूकता।

* प्रतियोगिता सत्र*

प्रतियोगिताओं का आयोजन- कार्यशाला का दूसरा सत्र प्रतियोगिता सत्र के रूप में आयोजित हुआ। इस सत्र में ताकुला विकास-खंड के रा० इ० का० गणानाथ, रा० इ० का० सुनौली, रा० क० इ० का० सारकोट, रा० इ० का० भकूना, रा० उ० मा० वि० गंगोलाकोटुली व रा० इ० का० नाई कुल 6 कालेजों के 100 से अधिक प्रतियोगियों ने प्रतिभाग किया। इन विद्यार्थियों के मध्य कनिष्ठ (कक्षा-6,7,8) वरिष्ठ ( कक्षा-9, 10,11,12) दो वर्गों में क्रमशः निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।


मूल्यांकन- प्रतियोगिताओं के आयोजन के पश्चात् निर्णायक मंडल में शामिल सदस्य शिक्षकों गणेश चंद्र शर्मा, भाष्कर कुमार, प्रमोद मेहरा, संतोष कांडपाल, कु० दीपा, कु० डिंपल जोशी, अंकित जोशी, अजरा परवीन, हिमांशु पांडे, डॉ. चंद्रकला वर्मा ने मूल्यांकन में सहयोग किया। 

प्रतियोगिता परिणाम- निबंध प्रतियोगिता कनिष्ठ वर्ग में धीरज तिवारी (गणानाथ) ने प्रथम, कु० आरती आर्या ( गंगोलाकोटुली) ने द्वितीय, कु० काजल भट्ट (भकूना) ने तृतीय और वरिष्ठ वर्ग में कु० महिमा (नाई ) ने प्रथम, कु० तनुजा आर्या (सारकोट) ने द्वितीय, कु० उमा भाकुनी (सुनौली) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग में कु० प्रीति भाकुनी (सुनौली), कु० अंजलि भंडारी ( नाई ), कु० पूजा बिष्ट ( नाई ), कु० सपना आर्या (सारकोट), कु० निशा भंडारी (नाई) को विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। 


          चित्रकला प्रतियोगिता कनिष्ठ वर्ग में दीपांशु सिंह नयाल (नाई) ने प्रथम, कु० प्रियंका भाकुनी ( भकूना ) ने द्वितीय, दीपांक सिंह बिष्ट (नाई ) ने तृतीय और वरिष्ठ वर्ग में कु० तनुजा अल्मिया (नाई ) ने प्रथम, कु० निकिता बाराकोटी ( भकूना ) ने द्वितीय, कु० चंद्रा आर्या ( सारकोट ) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता के वरिष्ठ वर्ग में कु० तनुजा आर्या (सारकोट), कु० आकांक्षा बिष्ट (भकूना), कु० प्रेरणा बिष्ट (सारकोट), कु० कल्पना भोज ( भकूना ), कु० प्रिया गुसाईं (सारकोट) को विशिष्ट पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। 


         भाषण प्रतियोगिता कनिष्ठ वर्ग में कु० खुश्बू बिष्ट ( नाई ) ने प्रथम, प्रियांशु कुमार ( सुनौली ) ने द्वितीय, कु० बिमला अल्मिया (नाई) ने तृतीय और वरिष्ठ वर्ग में कु० हिमांशी आर्या (गणानाथ) ने प्रथम, कु० खुशी जोशी (सारकोट) ने द्वितीय और कु० पिंकी आर्या (सुनौली) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 


         गणमान्य अतिथियों ने सभी विजेताओं को पुरस्कार व प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस सत्र का संचालन हिंदी प्रवक्ता व कार्यक्रम नियोजक डॉ. पवनेश ठकुराठी ने किया। 
                      *सांस्कृतिक सत्र*


       अंतिम सत्र सांस्कृतिक सत्र में नयाल सिरीज के पूरन सिंह नयाल और पी० टी० ए० अध्यक्ष नरेंद्र सिंह अल्मिया के संयोजन में आये लोक कलाकारों ने पर्यावरण व लोकसंस्कृति पर आधारित प्रेरक व मनोरंजक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी। इस सत्र का संचालन राजनीति विज्ञान प्रवक्ता व कार्यशाला निर्देशक इंद्रेश कुमार पांडे ने किया। 


     कार्यशाला में लगाई गई कोसी नदी पुनर्जनन अभियान से संबंधित चित्रों और निबंधों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। कार्यशाला के अंत में अध्यक्षीय संबोधन में विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार कठेरिया ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया और आशा जताई कि सभी लोग मिलकर कोसी नदी संरक्षण और पुनर्जनन अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान देंगे। 


          कार्यशाला में नवल किशोर देवली, फरीद अहमद, तारा सिंह अल्मिया, सोनिया कोहली, सोनम देवी, भूपेंद्र सिंह नयाल, प्रताप सिंह बिष्ट, कुंदन सिंह, मोहित सिंह बिष्ट, रोहित सिंह, हरीश चन्द्र जोशी, बलबीर भाकुनी, बालम सिंह बिष्ट, दलीप कुमार, भारती जीना, अर्जुन सिंह, नीमा बिष्ट, हरीश मेलकानी, संतोष सिंह, दीपक शर्मा, जानकी देवी, शोभा बिष्ट, नीरज नयाल, कुलदीप सिंह बिष्ट आदि समेत सैकड़ों लोग उपस्थित थे। 

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