साथियों, देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। इसलिए हम सभी को सजग रहने की जरूरत है। वैक्सीन जरूर लगायें और कोविड नियमों का पालन करें। तभी हम स्वयं की व दूसरों की सुरक्षा कर पाने में सक्षम हो पायेेंगे।

क्या है ‘आपरेशन नमस्ते’ ? जानिए सेना के इस विशेष आपरेशन के बारे में।

 आपरेशन नमस्ते
( Operation Namaste) 

   

         कोरोना संकट से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के अलावा सेना ने भी अपनी कमर कस ली है। आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे ने 27 मार्च,  2020 को कोरोना के खिलाफ ‘ऑपरेशन नमस्ते’ नाम का अभियान छेड़ने का ऐलान किया है। सैनिकों को संदेश देते हुए आर्मी चीफ ने कहा कि अगर देशवासियों की मदद करनी है तो यह तभी मुमकिन है, जब वे खुद फिट हों। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सरकार और सामान्य प्रशासन की मदद करना हमारा दायित्व है। देश की रक्षा के लिए हमें खुद को सुरक्षित और फिट रखना बहुत जरूरी है। 

ऑपरेशन नमस्ते- कोरोना वायरस के खिलाफ भारतीय सेना द्वारा छेड़े जा रहे अभियान का नाम। 

      वस्तुत: मुश्किलों हालातों या अपने किसी भी मिशन को पूरा करने के लिए सेना एक कोड नेम देती है। इससे पूर्व भी सेना द्वारा देश के भीतर अपने मिशन को पूरा करने के लिए कई अभियान छेड़े गए हैं। 

           सेना के कुछ और अभियान

1. आपरेशन पराक्रम- दिसंबर, 2001 में संसद हमले के बाद भारतीय सेना ने आतंक के खिलाफ ‘ऑपरेशन पराक्रम” चलाया था।

2. ऑपरेशन सूर्य होप- 16 जून, 2013 को उत्तराखंड स्थित केदारनाथ मंदिर में भयंकर बाढ़ आई थी। इस प्राकृतिक आपदा में करीब छह हजार लोगों की जान चली गई थी, हजारों लोग बेघर गए थे। सेना की सेंट्रल कमांड ने 19 जून को बचाव एवं राहत कार्य हेतु ऑपरेशन ‘गंगा प्रहार’ अभियान किया। दो दिन बाद यानि 21 जून को इसका नाम बदलकर ऑपरेशन ‘सूर्य होप” कर दिया गया।

 

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