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कुमाउनी कविता संग्रह: चांदि और सुनार  ( Kumauni Poetry Collection: Chandi aur Sunar )

कुमाउनी कविता संग्रह: चांदि और सुनार 
Kumauni Poetry Collection: Chandi aur Sunar

‘चांदि और सुनार’ कुमाउनी के वरिष्ठ कवि जगदीश जोशी का कविता संग्रह है। आइये जानते हैं कविता संग्रह व रचनाकार के विषय में-

कविता संग्रह के विषय में-

             चांदि और सुनार

       चांदि और सुनार कुमाउनी कवि जगदीश जोशी का कविता संग्रह है। इस संग्रह के पहले संस्करण का प्रकाशन 2012 में कुमाउनी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति प्रचार समिति, कसारदेवी, अल्मोड़ा से हुआ है। 
      इस किताब की भूमिका डॉ. प्रभा पंत व डॉ. प्रयाग जोशी ने लिखी है। इस किताब में कुल 31 कविताएँ संगृहीत हैं। कविताओं में पहाड़ की संस्कृति, सामाजिक जीवन व दार्शनिकता का अच्छा चित्रण हुआ है। जगदीश जोशी की कविताओं में पहाड़ से जुड़े नवीन बिंब आप देख सकते हैं है। इस संग्रह से ‘कुर्सि और मैं’ कविता की कुछ पंक्तियाँ दी जा रही हैं- 

मैं कुर्सि में
कुर्सि मैं में
मैं घट
कुर्सि मेरि बान
मैं भगत
कुर्सि मेरि ध्यान
मैं जोगि
कुर्सि मेरि जोग्याण
कुर्सि मेरि तराण
कुर्सि मेरि पराण…( पृ० 73 )।



रचनाकार के विषय में-

       कवि जगदीश चंद्र जोशी

    जगदीश जोशी का जन्म 01 अगस्त, 1956 को अल्मोड़ा जनपद के खेरदा (उच्यूर) गाँव में हुआ। आपके पिता का नाम श्री शिवदत्त जोशी व माताजी का नाम श्रीमती हेमा जोशी था। आपने अंग्रेजी साहित्य से परास्नातक करने के बाद उत्तराखंड शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएँ दीं। वर्तमान में आप हल्द्वानी में निवासरत हैं।

       कुमाउनी में आपके दो कविता संग्रह ‘जैङड़ी उज्याव’ और ‘चांदि और सुनार’ तथा एक कहानी-संग्रह ‘ग्यस उज्याव’ प्रकाशित हो चुके हैं। आप कुमाउनी साहित्य की समृद्धि में निरंतर अपना योगदान दे रहे हैं। आपके सौजन्य से प्रतिवर्ष सुपुत्र की याद में भारतेंदु निर्मल जोशी कुमाउनी समालोचना लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जाती है।

      आपकी पैंलियै हौत, बासि अखबारौक चिथौड़ में, जैङड़ी उज्याव व नरै कविताएँ कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाती हैं। साहित्य लेखन हेतु आपको शेर सिंह बिष्ट अनपढ़ कुमाउनी कविता पुरस्कार-2011, डॉ. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल सम्मान-2011: 12, बहादुर बोरा श्रीबंधु कुमाउनी कहानी पुरस्कार-2013 आदि पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। 

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