एकाग्रता – Dr. Pawanesh

कठिन नहीं कोई भी काम, हर काम संभव है। मुश्किल लगे जो मुकाम, वह मुकाम संभव है - डॉ. पवनेश।

एकाग्रता

एकाग्रता

हवा चलती है तो हिलती है पत्ती

तुम आईं तो हिली मेरी पलकें

और टिक गईं तुम पर

तूफान आया

बारिश हुई

ओले बरसे

बर्फ गिरी

और भी न जाने क्या-क्या हुआ

लेकिन मेरी पलकें

अभी भी टिकीं हैं तुम पर।

 

© Dr. Pawanesh

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