साथियों, देश में कोरोना वायरस की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है। इसलिए हम सभी को सजग रहने की जरूरत है। वैक्सीन जरूर लगायें और कोविड नियमों का पालन करें। तभी हम स्वयं की व दूसरों की सुरक्षा कर पाने में सक्षम हो पायेेंगे।

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एकाग्रता

एकाग्रता हवा चलती है तो हिलती है पत्ती तुम आईं तो हिली मेरी पलकें और टिक गईं तुम पर तूफान आया बारिश हुई ओले बरसे बर्फ गिरी और भी न जाने क्या-क्या हुआ लेकिन मेरी पलकें अभी भी टिकीं हैं तुम पर।   © Dr. Pawanesh Share this post

उसके जाने से

उसके जाने से   बारिश की लाखों बूदें उतना नहीं भिगा पाई मुझे जितना उसके नयनों से गिरती दो बूदों ने भिगाया मुझे   दुखों की मार उतना नहीं रूलाती मुझे जितना उसकी यादों ने रूलाया मुझे   वो चली गई मुझे छोड़कर उसी तरह जिस तरह चला जाता है कोई अपना पुस्तैनी मकान छोड़कर
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